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वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® से पहले जानना जरूरी है यह 8 खास बातें
(1) वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® हमेशा उतनी ही मातà¥à¤°à¤¾ में किया जाना चाहिठकि शरीर में थोड़ी थकावट तो मालूम हो, लेकिन आप थककर चूर न हो जाà¤à¤‚। वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के बाद परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विशà¥à¤°à¤¾à¤® करना à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• है।
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(2) वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® हमेशा शà¥à¤¦à¥à¤§ वायॠमें खाली पेट और शौच के बाद पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒà¤•ाल ही करना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒà¤•ाल संà¤à¤µ न होने पर सायंकाल दोपहर के à¤à¥‹à¤œà¤¨ के कम से कम चार घंटे बाद वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® किया जा सकता है।
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(3) वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के समय शरीर पर मौसम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कम से कम वसà¥à¤¤à¥à¤° होने चाहिà¤à¥¤ वसà¥à¤¤à¥à¤° ढीले होने चाहिà¤, ताकि शारीरिक कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में बाधा न डालें।
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(4) जल का सेवन वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ बाद किया जा सकता है, लेकिन उसके आधा घंटे बाद ही कà¥à¤› खाना चाहिà¤à¥¤ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के 15 मिनट बाद गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ दूध पीना सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤¦à¥à¤§à¤• है।
(5) वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® हमेशा पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ मन से और परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ समय होने पर ही करना चाहिà¤à¥¤ दà¥à¤ƒà¤– में, कà¥à¤°à¥‹à¤§ में, चिनà¥à¤¤à¤¾ में या जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ में वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से लाठके सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर हानि ही होती है। इसलिठà¤à¤¸à¥‡ अवसरों पर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® न करना ही उचित है।
(6) सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तो यह है कि आप किसी पारà¥à¤• में जाकर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें। यदि यह समà¥à¤à¤µ न हो, तो घर की छत पर या बरामदे या बालकनी में, जहां शà¥à¤¦à¥à¤§ वायॠका आवागमन होता हो, वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना चाहिà¤à¥¤ यदि यह à¤à¥€ समà¥à¤à¤µ न हो या मौसम की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूलता के कारण बाहर न निकल सकते हों, तो किसी बड़े कमरे में वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® किया जा सकता है। तेज चलते पंखे के सामने या नीचे वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इससे अचà¥à¤›à¤¾ है कि पंखा धीमा कर दें और पसीना निकलने दें।
(7) वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¤Ÿà¤•े से नहीं करना चाहिà¤à¥¤ जहां à¤à¤Ÿà¤•ा देना आवशà¥à¤¯à¤• है वहां à¤à¥€ à¤à¤• लय के साथ à¤à¤Ÿà¤•े देने चाहिà¤à¥¤ कà¤à¥€ à¤à¥€ शरीर में आवशà¥à¤¯à¤•ता से अधिक जोर नहीं डालना चाहिà¤à¥¤ इससे लाठके सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर हानि à¤à¥€ हो सकती है।
(8) वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® नियमित करना आवशà¥à¤¯à¤• है। कà¤à¥€ करने और कà¤à¥€ न करने से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® का पूरा लाठनहीं मिलता और हानि होने का à¤à¥€ डर रहता है। यदि अपवादसà¥à¤µà¤°à¥‚प कà¤à¥€ न कर पाà¤à¤‚, तो कोई बात नहीं। लेकिन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में कम से कम 5 दिन वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® अवशà¥à¤¯ कर लेने चाहिà¤à¥¤
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